UP Board Scrutiny / Revaluation Portal 2026
यदि आप अपने यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के अंकों से असंतुष्ट हैं, तो पुनर्मूल्यांकन या कॉपी जांच के लिए आवेदन करें।
Scrutiny Form 2026 अभी भरें
आप Official UPMSP Portal upmsp.edu.in पर जाएंगे।
📝 स्क्रूटनी से जुड़ी काम की बातें
- ● चालान प्रिंट करें: स्क्रूटनी आवेदन के समय चालान का प्रिंटआउट लेना न भूलें, क्योंकि इसे ट्रेजरी में जमा करना होता है।
- ● सत्यापन प्रक्रिया: स्क्रूटनी के दौरान केवल उत्तरपुस्तिका के कवर पेज पर अंकित नंबरों और अंदर के नंबरों के मिलान की जाँच की जाती है।
- ● हस्ताक्षरित प्रति: स्क्रूटनी फॉर्म सबमिट करने के बाद चालान और फॉर्म की हार्ड कॉपी रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजनी आवश्यक होती है।
यूपी बोर्ड स्क्रूटनी क्या होती है? (Revaluation Explained)
स्क्रूटनी (Scrutiny) जिसे आमतौर पर कॉपी रीचेकिंग (Copy Rechecking) भी कहा जाता है, बोर्ड द्वारा प्रदान की जाने वाली एक महत्वपूर्ण छात्र सेवा है। इसके तहत कोई भी परीक्षार्थी जो बोर्ड परीक्षा में मिले अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है, वह अपनी कॉपी का दोबारा मिलान करवा सकता है।
महत्वपूर्ण बिंदु: कई छात्रों में यह भ्रम होता है कि स्क्रूटनी में उनकी कॉपी की दोबारा जांच करके उनके उत्तरों पर फिर से अंक दिए जाएंगे। ऐसा नहीं है। स्क्रूटनी के दौरान परीक्षक केवल यह देखते हैं कि:
- क्या सभी प्रश्नों के अंक मुख्य पृष्ठ की सारणी में सही तरीके से दर्ज किए गए हैं?
- क्या अंकों की कुल गिनती (Grand Total) में कोई गणितीय त्रुटि हुई है?
- क्या कोई ऐसा उत्तर है, जिसे परीक्षक ने गलती से जांचा नहीं है और उस पर शून्य या कोई अंक नहीं दिया गया है?
स्क्रूटनी बनाम कम्पार्टमेंट: दोनों में क्या अंतर है?
| विशेषता (Feature) | स्क्रूटनी (Scrutiny) | कम्पार्टमेंट (Compartment) |
|---|---|---|
| उद्देश्य | मौजूदा अंकों की गणना और जाँच की पुष्टि करना। | अनुत्तीर्ण विषय में दोबारा परीक्षा देकर पास होना। |
| परीक्षा की आवश्यकता | नहीं, कोई नई परीक्षा नहीं देनी होती। | हाँ, संबंधित विषय की दोबारा लिखित परीक्षा देनी होती है। |
| पात्रता | पास या फेल सभी छात्र आवेदन कर सकते हैं। | केवल 1 या 2 विषयों में फेल छात्र ही योग्य हैं। |
| अंकों में बदलाव | अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या समान रह सकते हैं। | नए परीक्षा परिणाम के अनुसार अंक दिए जाते हैं। |
स्क्रूटनी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
स्क्रूटनी आवेदन को पूर्ण करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।
- वहाँ स्क्रूटनी आवेदन लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन करें।
- जितने विषयों के लिए स्क्रूटनी करनी है, उन्हें चुनें और आवेदन पत्र भरें।
- प्रत्येक विषय के लिए निर्धारित शुल्क का चालान डाउनलोड करें और उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की किसी भी ट्रेजरी में जमा करें।
- ट्रेजरी में जमा किए गए चालान की रसीद संख्या और तारीख आवेदन पोर्टल पर अपलोड करें और फॉर्म का प्रिंटआउट लें।
- फॉर्म के प्रिंटआउट के साथ चालान की मूल रसीद रजिस्टर्ड पोस्ट/स्पीड पोस्ट द्वारा बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजें। (बिना चालान रसीद कार्यालय भेजे आवेदन मान्य नहीं माना जाता)।
स्क्रूटनी आवेदन — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूपी बोर्ड स्क्रूटनी (Scrutiny) क्या होती है?
स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन का अर्थ है आपकी उत्तरपुस्तिका की दोबारा जाँच करना। इसके अंतर्गत बोर्ड परीक्षक केवल यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी प्रश्नों के अंकों की गणना (Totaling) सही है, और कोई भी उत्तर बिना जाँचे (Unchecked) तो नहीं छूटा है। स्क्रूटनी में आपकी उत्तरपुस्तिका का दोबारा मूल्यांकन (यानी उत्तरों को दोबारा पढ़ना और नए सिरे से ग्रेड करना) नहीं किया जाता।
स्क्रूटनी फॉर्म भरने की फीस कितनी है?
यूपी बोर्ड में स्क्रूटनी फॉर्म की फीस प्रत्येक विषय (Per Subject) के लिए निर्धारित होती है। आमतौर पर यह प्रति विषय ₹500 के आसपास होती है। शुल्क का भुगतान बोर्ड द्वारा बताए गए चालान माध्यम या आधिकारिक डिजिटल गेटवे से किया जाता है। नवीनतम फीस की जानकारी upmsp.edu.in पर देखें।
क्या स्क्रूटनी में अंक कम भी हो सकते हैं?
हाँ, यद्यपि इसके चांस बहुत कम होते हैं, लेकिन यदि स्क्रूटनी के दौरान यह पाया जाता है कि अंकों की गणना में पहले गलती से अधिक अंक जुड़ गए थे, तो अंक घटाए भी जा सकते हैं। आमतौर पर अंक या तो बढ़ते हैं या उतने ही रहते हैं।
क्या मैं एक से अधिक विषयों के लिए स्क्रूटनी अप्लाई कर सकता हूँ?
हाँ। छात्र जितने चाहें उतने विषयों के लिए स्क्रूटनी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे प्रत्येक विषय के लिए अलग से शुल्क का भुगतान करें।
कम्पार्टमेंट और स्क्रूटनी साथ में आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, यदि कोई छात्र किसी एक विषय में फेल हो गया है और उसे लगता है कि उसके अंक कम हैं, तो वह स्क्रूटनी फॉर्म भी भर सकता है और बैकअप के रूप में कम्पार्टमेंट परीक्षा फॉर्म भी भर सकता है। अगर स्क्रूटनी में नंबर बढ़कर छात्र पास हो जाता है, तो उसे कम्पार्टमेंट परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं रहती।
स्क्रूटनी का रिजल्ट कब तक जारी होता है?
स्क्रूटनी के आवेदन बंद होने के सामान्यतः 1 से 2 महीने बाद यूपी बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्क्रूटनी का रिजल्ट (क्षेत्रीय कार्यालयवार) घोषित करता है। इसका परिणाम सामान्यत: जून या जुलाई में आ जाता है।
संबद्ध छात्र सेवाएं
कम्पार्टमेंट फॉर्म 2026
जो छात्र परीक्षा में फेल हुए हैं, वे अंतिम तिथि 27 जून 2026 से पहले आवेदन करें।
स्क्रूटनी / उत्तरपुस्तिका जांच
अपने परीक्षा अंकों से असंतुष्ट हैं? अपनी कॉपियों की स्क्रूटनी (Recheck) के लिए आवेदन करें।
मार्कशीट डाउनलोड गाइड
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आधिकारिक रिजल्ट पोर्टल
डायरेक्ट लिंक से सरकारी ऑफिशियल रिजल्ट वेबसाइट (upresults.nic.in) पर जाकर अपना रिजल्ट चेक करें।